वेनेजुएला में भूकंप की इस भयानक तबाही ने कैसे 59 साल पुराना इतिहास दोहरा दिया

वेनेजुएला में भूकंप की इस भयानक तबाही ने कैसे 59 साल पुराना इतिहास दोहरा दिया

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे दिल दहला देने वाली हैं। बुधवार शाम को आए एक के बाद एक दो विनाशकारी भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इसे वैज्ञानिक भाषा में 'डबल सिस्मिक इवेंट' कहा जा रहा है। पहला झटका 7.1 और इसके ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का महाभूकंप आया। वेनेजुएला के इतिहास में पिछले 126 वर्षों का यह सबसे शक्तिशाली भूकंप है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वेनेजुएला में भूकंप से अब तक 164 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 971 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) का अनुमान तो इससे भी ज्यादा डरावना है। उनका कहना है कि मलबे की स्थिति को देखते हुए मरने वालों का आंकड़ा 10 हजार के पार जा सकता है।

जब 39 सेकंड में बदल गई पूरी तस्वीर

यह कोई सामान्य भूकंप नहीं था। दोनों बड़े झटके महज 39 सेकंड के अंतराल पर आए। इतने कम समय में किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। पहला केंद्र मोरोन शहर से 21 किलोमीटर पश्चिम में था, जबकि दूसरा झटका उससे 45 किलोमीटर दूर महसूस हुआ।

राजधानी काराकास और आसपास के इलाके खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। मुख्य हवाई अड्डे सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसे तुरंत बंद करना पड़ा। बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल लागू कर दिया है।

59 साल पुराना वो खौफनाक मंजर

इस तबाही ने लोगों को 1967 के काराकास भूकंप की याद दिला दी है। ठीक 59 साल पहले भी वेनेजुएला ने ऐसा ही दर्द झेला था। उस वक्त केवल 35 सेकंड के भूकंप ने 200 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी।

इतिहास खुद को दोहराता है, लेकिन इस बार का हमला और भी ज्यादा घातक है। पुराने वक्त में तकनीक कमजोर थी, इसलिए नुकसान ज्यादा हुआ था। आज शहर घने हैं, इमारतें ऊंची हैं। यही वजह है कि 7.5 की तीव्रता ने सुरक्षा के सारे दावों की पोल खोल दी।

क्या तेल के बुनियादी ढांचे पर कोई असर पड़ा

वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से एक है। राहत की बात यह है कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, देश के मुख्य तेल हब 'लेक माराकैबो' के पास बुनियादी ढांचे को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। वहां नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने अभी तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है।

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अस्पतालों की हालत बेहद नाजुक है। डॉक्टरों के पास मरीजों को संभालने के लिए जगह कम पड़ रही है। सड़कों पर मलबा होने के कारण एम्बुलेंस को पहुंचने में दिक्कत आ रही है।

राहत और बचाव में जुटी दुनिया

इस मुश्किल घड़ी में अंतरराष्ट्रीय समुदाय वेनेजुएला के साथ खड़ा है। भारत ने मदद की पेशकश की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी तत्काल खोज और बचाव दल भेजने की घोषणा की है। यूरोपीय संघ ने अपने अर्थ मॉनिटरिंग सिस्टम 'कोपरनिकस प्रोग्राम' को एक्टिव कर दिया है ताकि मलबे में दबे लोगों की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके।

ब्राजील के अमेजन क्षेत्र तक इस भूकंप के झटके महसूस किए गए, जहां एहतियातन कई इमारतों को खाली कराया गया।

कुदरत के इस कहर के सामने इंसानी बस्तियां कितनी लाचार हैं, यह इस घटना ने साफ कर दिया है। अभी सबसे पहली प्राथमिकता मलबे के नीचे दबी जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। आपदा प्रबंधन टीमों के लिए अगले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।

IL

Isabella Liu

Isabella Liu is a meticulous researcher and eloquent writer, recognized for delivering accurate, insightful content that keeps readers coming back.